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Tripura University

विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक घटनाएं:

2 अक्टूबर,1987 त्रिपुरा विश्वविद्यालय ने निम्न विषयों के साथ कार्य करना आरंभ किया: कला : बांग्ला, संस्कृत, अर्थशास्त्र, इतिहास। विज्ञान : जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित। त्रिपुरा विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में प्रो. जे. बी. गांगुली ने पदभार ग्रहण किया ।
1 अगस्त, 1988 वाणिज्य विभाग आरंभ
1 जुलाई, 1990 अंग्रेजी विभाग की शुरुआत
17 अप्रैल, 1990 प्रथम दीक्षान्त समारोह आयोजित, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. यशपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
6 जून, 1990 भौतिकशास्त्र विभाग आरंभ
15 अगस्त, 1993 सूर्यामणिनगर परिसर में जीवन विज्ञान एवं रसायनशास्त्र विभाग का उद्घाटन।
1 सितम्बर, 1993 त्रिपुरा विश्वविद्यालय के द्वितीय कुलपति के रूप में प्रो. के. एल. चक्रवर्ती ने पदभार ग्रहण किया।
19 सितम्बर, 1994 त्रिपुरा विश्वविद्यालय के तृतीय कुलपति के रूप मंं प्रो. वाई. डी. पांडे ने पदभार ग्रहण किया।
4 जुलाई, 1994 राजनीतिशास्त्र विभाग आरम्भ।
18 जुलाई, 1994 दर्शनशास्त्र एवं राजनीतिशास्त्र विभाग आरम्भ।
2 अगस्त, 1995 विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षान्त समारोह आयोजित, मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष प्रो. एस. के. जोशी शामिल हुए।
अक्टूबर, 1996 दूरस्थ शिक्षा निदेशालय का उद्घाटन तथा शिक्षण स्नातक(बी.एड.) पाठ्यक्रम आरंभ।
7 जनवरी, 1998 तृतीय दीक्षान्त समारोह आयोजित, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री कृष्णकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
6 अप्रैल, 1998 त्रिपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ कुलपति के रूप में प्रो. ए. के. चक्रवर्ती ने पदभार ग्रहण किया।
31 जनवरी, 2000 चतुर्थ दीक्षान्त समारोह आयोजित, डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल।
जनवरी, 2001 दूरस्थ शिक्षा निदेशालय ने दूरस्थ माध्यम से बी. ए. पाठ्यक्रम की शुरुआत की।
19 फरवरी, 2001 विश्वविद्यालय के प्रशासनिक खण्ड को कॉलेज टीला से स्थान्तरित कर सूर्यमणिनगर, पश्चिमी त्रिपुरा के स्थायी परिसर में स्थापित किया गया।
30 मार्च, 2001 पश्चिमी त्रिपुरा के सूर्यामणिनगर में प्रशासनिक खण्ड का अस्थायी तौर पर उद्घाटन।
उद्घाटनकर्ता (1) श्री मानिक सरकार, मुख्य मंत्री, त्रिपुरा (2) श्री अनिल सरकार, शिक्षा मंत्री, श्री बादल चौधरी, मंत्री, वित्त एवं लोकनिर्माण विभाग ।
5 अक्टूबर, 2001 त्रिपुरा विश्वविद्यालय के पाँचवें कुलपति के रूप में प्रो. डी. के. बसु ने पदभार ग्रहण किया।
1 मार्च से 21 मार्च, 2002 इतिहास विभाग द्वारा यूजीसी रिफ्रेशर कोर्स की शुरुआत।
19 मार्च से 22 मार्च, 2002 एनएएसी(NAAC) के सहकर्मी दल ने त्रिपुरा विश्वविद्यालय का दौरा किया।
14 नवम्बर, 2002 सूचना प्रौद्योगिकी स्कूल का उद्घाटन, उद्घाटनकर्ता : श्री पवित्र कर, प्रभारी मंत्री, उद्योग, वाणिज्य एवं आई. टी.।
18 - 20 नवम्बर, 2002 दसवीं योजना हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विशेषज्ञ समिति का दौरा।
17 मार्च, 2003 पाँचवां दीक्षान्त समारोह आयोजित, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. अरुण नेगवेकर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल।
1-2 मई, 2003 सूचना प्रौद्योगिकी(आईटी) में तकनीकी शिक्षा हेतु अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी परिषद् का दौरा।
27 जून, 2003 दूरस्थ शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षाशास्त्र में एम. ए. पाठ्यक्रम प्रारंभ।
उद्घाटनकर्ता
  1. त्रिपुरा के राज्यपाल एवं त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति महामहिम श्री डी. एन. सहाय
  2. त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी. के. बसु।
16 अक्टूबर, 2003 नए प्रशासनिक खण्ड में परीक्षा नियंत्रक अनुभाग ने कार्य करना प्रारंभ किया।
20 दिसम्बर, 2004 भूगोल विभाग का शुभारंभ।
3 से 7 जनवरी, 2005 आई. टी. और कम्प्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा 'मल्टीमीडिया प्रणाली और संचार' पर संगोष्ठी का आयोजन।
18 फरवरी, 2005 त्रिपुरा विश्वविद्यालय के छठवें कुलपति के तौर पर प्रो. अशोक कुमार मुखोपाध्याय ने पदभार ग्रहण किया।
28 फरवरी, 2005 1996 में बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री तथा बंग्लादेश सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद हबीबुर रहमान का दौरा।
4-7 मई, 2005 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विशेषज्ञ समिति ने त्रिपुरा विश्वविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय से केन्द्रीय विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने हेतु सुविधाओं की जाँच हेतु दौरा किया।
1 अगस्त, 2005 त्रिपुरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अगरतला शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का उद्घाटन।
18 अगस्त, 2005 एम.टेक. और एम.बी.ए. पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने हेतु अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के पदाधिकारियों का दौरा।
19 अगस्त, 2005 त्रिपुरा विश्वविद्यालय में विद्युत अभियांत्रिकी एवं कम्प्यूटर अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम में एम. टेक. एवं एमबीए पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया।
19 अगस्त, 2005 पुस्तकालय भवन एवं अतिथि-गृह का उद्घाटन तथा स्कूल ऑफ मैनेजमेंट तथा इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय भवन की आधारशिला रखी गयी।
उद्घाटनकर्ता
  1. त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मानिक सरकार।
  2. उच्चतम शिक्षा मंत्री श्री अनिल सरकार ।
  3. मंत्री, वित्त एवं लोकनिर्माण विभाग, श्री बादल चौधरी ।
  4. त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए. के. मुखोपाध्याय।
14 से 15 नवम्बर, 2005 संस्कृत एवं दर्शनशास्त्र विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय तथा विश्व निंबार्क परिषद् द्वारा 'निम्बार्क दर्शन एवं विश्वशांति' पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित।
9 दिसम्बर, 2005 कुलपति, प्रो. ए. के. मुखोपाध्याय द्वारा नियोजन(प्लेसमेंट) सहायता प्रकोष्ठ का उद्घाटन।
22 दिसम्बर, 2005 ग्रामीण अध्ययन केन्द्र तथा ग्रामीण प्रबंधन एवं विकास(एमआरएमडी) में स्नातकोत्तर उपाधि पाठ्यक्रम के आरंभ को विश्वविद्यालय सिंडीकेट का अनुमोदन।
26 से 30 दिसम्बर, 2005 ''ग्रामीण विकास तकनीकी में क्षमता निर्माण’ पर 5 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।
विषय :
  1. फूल से डाई का निष्कर्षण एवं उपयोग।
  2. पान चबाने से रस का निष्कर्षण एवं उपयोग।
  3. सुगंधित पुष्प से अबीर का निर्माण।
  4. प्राकृतिक आपदाओं में जलशुद्धिकरण
  5. फल एवं सब्जियों का संरक्षण
  6. मांस, मछली एवं मुर्गी पालन प्रक्रमण
  7. खाद्य संरक्षण की सामान्य विधि
  8. उद्यमिता विकास
  9. संसाधनों की योजना और पुन: व्यवस्थापन।
  10. प्रौद्योगिकी संबंधी आवश्यकता और सामर्थ्य।
  11. त्रिपुरा में ग्रामीण विकास का अनुभव।
2006 हिन्दी विभाग की स्थापना
1 से 2 जनवरी, 2006 'विजन एनईआर-2020' पर संगोष्ठी, उद्घाटनकर्ता :
  1. त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मानिक सरकार
  2. उच्च शिक्षा मंत्री श्री अनिल सरकार
  3. त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए. के. मुखोपाध्याय
5 जनवरी, 2006 त्रिपुरा के माननीय राज्यपाल तथा त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति का दौरा
  1. श्री डी. एन. सहाय त्रिपुरा के राज्यपाल
  2. श्री अनिल सरकार त्रिपुरा में उच्च शिक्षा के प्रभारी मंत्री
  3. श्री बादल चौधरी, वित्त और जनकार्य विभाग के प्रभारी मंत्री।
2 जुलाई, 2007 त्रिपुरा विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय में परिवर्तित।
3 जुलाई, 2007 प्रो. अरुणोदय साहा ने त्रिपुरा केन्द्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया।
27 दिसम्बर, 2007 प्रथम कार्यकारी परिषद् की पहली बैठक।
15 फरवरी, 2008 प्रथम कार्यकारी परिषद् की द्वितीय बैठक।
16 मई, 2008 प्रथम वित्त समिति की पहली बैठक।
11 से 13 अगस्त, 2008 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के विशेषज्ञ समिति का दौरा।
10 सितम्बर, 2008 प्रथम कार्यकारी परिषद् की तृतीय बैठक।
16 से 17 सितम्बर, 2008 प्रथम कुलाधिपति प्रो. अमिय कुमार बागची का दौरा।
19 से 20 सितम्बर, 2008 पूर्वोत्तर क्षेत्र के विश्वविद्यालयों के लिए डीएसटी- एफआइएसटी के विशेष पैकेज हेतु बैठक।
20 दिसम्बर, 2008 प्रथम वित्त समिति की द्वितीय बैठक।
23 दिसम्बर, 2008 प्रथम कार्यकारी परिषद् की चतुर्थ बैठक।
13 फरवरी, 2009 प्रथम कार्यकारी परिषद् की पाँचवी बैठक।
14 फरवरी, 2009 सातवाँ दीक्षांत समारोह।
5 जून, 2009 प्रथम कार्यकारी परिषद् की छठवीं बैठक।
28 जून, 2009 प्रथम शैक्षिक परिषद् की तृतीय बैठक।
13 सितम्बर, 2009 प्रथम कार्यकारी परिषद् की सातवीं बैठक।
26 अक्टूबर, 2009 प्रथम शिक्षा परिषद् की चतुर्थ बैठक।
10 जनवरी, 2010 प्रथम कार्यकारी परिषद् की आठवीं बैठक।
24 अप्रैल, 2010 प्रथम कार्यकारी परिषद् की नौवीं बैठक।
5 मई, 2010 प्रथम शिक्षा परिषद् की पाँचवी बैठक।
26 जून, 2010 प्रथम कार्यकारी परिषद् की दसवीं बैठक।
14 जुलाई, 2010 प्रथम कार्यकारी परिषद् की ग्यारहवीं बैठक।
17 अगस्त, 2010 प्रथम शिक्षा परिषद् की छठवीं बैठक।
23 सितम्बर, 2010 प्रथम कार्यकारी परिषद् की बारहवीं बैठक।
25 सितम्बर, 2010 त्रिपुरा विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत समारोह, मुख्य अतिथि के तौर पर भारत की राष्ट्रपति व विश्वविद्यालय की कुलाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल शामिल।
10 अक्टूबर, 2010 प्रथम कार्यकारी परिषद् की तेरहवीं बैठक।