विभाग
बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग केन्द्र

विभाग का संक्षिप्त विवरण :

बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग केंद्र राष्ट्रीय ग्रामीण संस्थान परिषद्, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार और त्रिपुरा विश्वविद्यालय की वित्तीय सहायता से वर्ष 2006 में स्थापित किया गया। गई। इस कार्यक्रम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग पर एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा करवाना है ताकि छात्रों को इस पाठ्यक्रम के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित करने में सहूलियत हो तथा वह बाँस संवर्धन से संबंधित शोध एवं विकास हेतु आवश्यक मूलभूत सुविधा व जर्मप्लाज्म संरक्षण का विकास कर सकें। तत्पश्चात् दो सेमेस्टर आधारित एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स सफलतापूर्वक विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के संकायों व विश्वविद्यालय अन्य संकायों तथा बाहरी संस्थानों की मदद से संचालित किया जा रहा है।

स्थापना वर्ष :

2006

कार्यक्रम समन्वयक :

डॉ. अजय कृष्ण साहा
ईमेल: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. , This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.

संचालित पाठ्यक्रम:

बाँस संवर्धन एवं संसाधन अनुप्रयोग में एक वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा

प्रवेश क्षमता:

20

प्रदत्त विभिन्न कार्यक्रमों का पाठ्यक्रम :

संगोष्ठी / सम्मेलन / कार्यशाला / पुनश्चर्या / अभिमुखीकरण:

-

सम्पर्क के लिए पता :

बीसीआरयू केन्द्र, शैक्षिक भवन-I, त्रिपुरा विश्वविद्यालय, सूर्यमणिनगर, त्रिपुरा (प), पिन - 799022

शोध प्रकाशन :

  • चक्रबर्ती सरस्वती एवं सिन्हा रबीन्द्र कुमार, 2009. मार्केट पोटेंशियल ऑफ मूली [मेलोकन्ना बैसिफेरा (सॉक्सब.) कुर्ज] बंबू शूट्स एंड इट्स ट्रैडिशनल रिसाइप्स इन त्रिपुरा. विजिटोस. अंक. 22 (1): 23-32. ISSN: 0979-4078.
  • लोध देबाश्री, सरकार अभिजीत, मजूमदार कौशिक, दत्ता बी. के. एवं गुप्ता ए. के. 2010. बंबू डायवर्सिटी इन सिपाहीजला वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी, त्रिपुरा, भारत प्ले., अंक. 4 सं. 1: 113 – 117. ISSN: 0973-9467.

प्रयोगशाला सुविधा :

वनस्पति विज्ञान विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय द्वारा जैवरासायनिक एवं टिसू कल्चर प्रयोगशाला की सुविधा पूर्णतः समर्थित है। हाल ही में एक जैवरसायनिक एवं टिसू कल्चर प्रयोगशाला अकादमिक भवन– I के भूतल पर डीबीटी प्रायोजित कार्यक्रम के तहत बाँस शोध एवं मूलभूत सुविधा विकास हेतु स्थापित की गई है।

प्रयोगशाला उपकरण :

  • लेमिनार एयर फ्लो (क्लेनजैद मेक)
  • हाई प्रीसिजन बैलेंस 3.UV – VISस्पैक्ट्रोफोटोमीटर (पर्किन एल्मर, लम्बाडा25)

कार्यशाला प्रणाली :

  • बंबू स्टिक पॉलिसिंग मशीन
  • बंबू नॉट रिमूविंग एंड सिल्वर मेकिंग मशीन
  • बंबू कटिंग मशीन 4 बंबू इंपैक्ट स्प्लिटिंग मशीन
  • जीआईएस सुविधा :वर्कस्टेशन कंप्यूटर सिस्टम (जीआईएस स्पेसिफिक) एज अ पार्ट ऑफ जीआईएस पैकेज एंड सॉफ्टवेयर्स (जियोमेटिका 10.3 टोटल एजुकेशनल सूट सॉफ्टवेयर) जीपीएस के साथ .

सहयोग:

बाँस संवर्धन के क्षेत्र में शैक्षिक उन्नति, शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधि में विकास हेतु बीसीडीआई, लिचुबगान, त्रिपुरा व त्रिपुरा विश्वविद्यालय के बीच दिनांक 13 सितंबर, 2010 को एक एमओयू साइन किया गया है।

वर्तमान संकाय/अतिथि शिक्षक की स्थिति :

अतिथि शिक्षक:

अतिथि शिक्षक / विजिटिंग शिक्षक / विजिटिंग फेलो :
क्रम सं.नामसंस्थान
01. प्रो. आर. सी. श्रीवास्तव वनस्पति विज्ञान विभाग,त्रिपुरा विश्वविद्यालय
02. प्रो. संग्राम सिन्हा वनस्पति विज्ञान विभाग,त्रिपुरा विश्वविद्यालय
03. डॉ. आर. के. सिन्हा वनस्पति विज्ञान विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
04. डॉ. बी. के. दत्ता वनस्पति विज्ञान विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
05. डॉ. ए. के. साहा वनस्पति विज्ञान विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
06. डॉ. एस. बसु वनस्पति विज्ञान विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
07. श्री पी. दास वनस्पति विज्ञान विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
08. डॉ. एन. दास (पान) भूगोल एवं आपदा प्रबंधन विभाग, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
09. डॉ. ए. कांत बांस एवं बेंत विकास संस्थान (बीसीडीआई), भारत सरकार

मास्टर शिल्पी:

क्रम सं.नामसंस्थान
01. सत्यप्रसाद रॉय बीसीआरयू, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
02. गौतम दास बीसीआरयू, त्रिपुरा विश्वविद्यालय
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