विभाग
इतिहास विभाग

विभाग का संक्षिप्त परिचय :

इतिहास में स्नातकोत्तर कक्षाएँ एम.बी.बी महाविद्यालय अगरतला के स्नातकोत्तर खण्ड में मार्च, 1976 में प्रथम बार प्रारम्भ हुईं। कलकत्ता विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर अध्ययन केन्द्र (सीयूपीजी) के अंतर्गत सन् 1977 में विभाग मात्र एक छात्र के साथ अस्तित्व में आया। प्रारम्भ में कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत इतिहास विभाग आधुनिक इतिहास विभाग के नाम से जाना जाता था। बाद में 2 अक्टूबर 1987 को त्रिपुरा विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ इस विभाग का पुनः नामकरण अपने स्वयं के पाठ्यक्रम के साथ इतिहास विभाग कर दिया गया। सन् 1997 में विभाग ने इसके पाठ्यक्रम का संशोधन भाग 1 और भाग 2 के रूप में किया। सन् 2004 में इकाई पद्धति तथा यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार पाठ्यक्रम में और संशोधन किया गया था तथा केन्द्रीय विश्वविद्यालय में रूपांतरण के पश्चात् शैक्षिक सत्र 2008 से इस विभाग में सत्र पद्धति का प्रारम्भ किया गया। विभाग संगोष्ठी, कार्यशाला तथा प्रसिद्ध व्याख्यान आदि के आयोजन का प्रयास करता है। विभाग में 2 (दो) गैर शैक्षिक कर्मचारी , 3 (तीन) अतिथि शिक्षक तथा 7 (सात) नियमित प्राध्यापक कार्यरत हैं।.

स्थापना वर्ष :

1977

विभागाध्यक्ष :

प्रो. सुखेंदु देबबर्मा

संचालित पाठ्यक्रम :

बीए(ऑनर्स), एमए, आईएमडी, पीएच.डी.।

प्रवेश क्षमता :

  • बीए (ऑनर्स)- 15
  • एमए - 80
  • आईएमडी - 10

कुल प्रायोजित शोध परियोजना (पूर्ण एवं अविरत) :

पूर्ण हो चुकी परियोजनाएं :

  • प्रो. सत्वदेव पोद्दार - 02
  • डॉ सुखेन्दु देववर्मा - 05

अविरत परियोजनाओं की संख्या :

  • प्रो. सत्यदेव पोद्दार - 01
  • डॉ सुखेन्दु देबबर्मा - 01

संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के पाठ्यक्रम :

 

संगोष्ठी / सम्मेलन / कार्यशाला / पुनश्चर्या / अभिविन्यास आयोजित :

  • 32 वां नॉर्थ इस्ट इंडिया हिस्ट्री एसोसिएशन (एनईआईएचए), 17-19 नवंबर, 2011

सम्पर्क के लिए पता :

इतिहास विभाग, टीयू, सूर्यमणिनगर -799022

ई-मेल: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.

प्रयोगशाला सुविधाएँ :

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अनुसंधान समूह का विवरण :

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अतिरिक्त सहयोगी :

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अन्य जानकारियाँ (यदि कोई हों ) :

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